जीवन परिचय

अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जीवनी

अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा
Written by Vinod Pant

दोस्तों क्या आप लोग अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जीवनी के बारें में जानते हो . क्या आप लोग जानते हो की राकेश शर्मा कौन थे . अगर आप लोग जानतें है की राकेश शर्मा कौन थे तो ये अच्छी  बात है अगर आप नहीं जानते है की राकेश शर्मा कौन थे तो कोइ बात नहीं आज हम आपको अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जीवनी के बारें में बतायेगे .

राकेश शर्मा

राकेश शर्मा

 

दोस्तों आप को बता दें की राकेश शर्मा भारत के पहलें ऐसे व्यक्ति है जिन्होंने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थी , राकेश शर्मा भारत के पहले और विश्व के 138 अंतरिक्ष यात्री है .जैसे ही राकेश शर्मा ने अंतरिश के लिए उड़ान भरी वैसे ही उन्होंने इतिहास रच दिया था . राकेश शर्मा 8 दिन तक अंतरिक्ष में रहे और 8 दिन बाद  कजाखस्तान में उनकी लैंडिंग हुयी थी . दोस्तों आपको बता दें  की राकेश शर्मा आज के समय में हर भारतीय के लिए प्रेरणा के स्रोत है .

राकेश शर्मा का जीवन परिचय

राकेश शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1949 ईo को पंजाब के पटियाला में हुवा था .राकेश शर्मा के पिता का नाम देवेन्द्र शर्मा और माता का नाम तृप्ता शर्मा था . राकेश के जन्म के बाद  राकेश के माता -पिता आन्ध्र प्रदेश के हैदराबाद शहर  में रहने के लिए  चले गए थे .

कहा जाता है की राकेश शर्मा को बचपन से ही विज्ञान में काफी रूचि थी . कोइ भी बिगड़ी चीज और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सामान पर नजर रखना उनकी आदत थी .जब राकेश शर्मा बचपन में आसमान में हवाई जहाज को उड़ता देखते थे तो वो जहाज को उस समय तक देखते रहते थे जिस समय तक जहाज उनकी आँखों से ओझल नहीं हो जाता था .यही से राकेश शर्मा के मन में आसमान में उड़ने की तमन्ना जाग गयी . और एक दिन न राकेश शर्मा ने वो कर दिखाया जिस पर आज भी हर भारतीय को गर्व है .

राकेश शर्मा की शिक्षा

राकेश शर्मा ने अपने प्राम्भिक शिक्षा हैदरबाद के सेंट जार्ज ग्रामर स्कूल में की . और इसके बाद स्नातक की पड़ाइ करने के लिये राकेश शर्मा ने हैदरा बाद में ही स्थित उस्मानिया विश्वविधालय में दाखिला लिया . जब राकेश अपनी स्नातक की डिग्री पूरी कर रहे थे उसी दौरान सन 1966 में उनका चयन राष्ट्री शुरक्षा आकादमी (NDA) के लिए हो गया . और वहा से राकेश शर्मा ट्रेनिंग के लिए चले गए .

राकेश शर्मा का व्यक्तिगत जीवन

राकेश शर्मा एक सौम्य प्रवृति और स्वभाव के व्यक्ति थे . राकेश शर्मा का विवाह कर्नल पीएन शर्मा की बेटी मधु शर्मा से हुवा था . दोस्तों आपको बता दें की राकेश शर्मा और इनकी पत्नी को रुसी भाषा का ज्ञाता  भी माना जाता है . राकेश शर्मा की एक बेटी जिसका नाम कृतिका और और एक बेटा जिसका नाम कपिल है और ये दोनों मिडिया के क्षेत्र से जुड़े हुए है .

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राकेश शर्मा का करियर

राकेश शर्मा का करियर

दोस्तों आपको बता दें की राकेश शर्मा का चयन मात्र 21 साल में भारतीय वायु सेना में हो गया था और इससे राकेश शर्मा का जोश काफी बड गया . और इसी जोश के साथ राकेश शर्मा आगे बड़ते गए .

सन 1970 में राकेश शर्मा को भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान को उड़ाने का मोका मिला . और इसी के एक साल बाद 1971 में राकेश शर्मा ने भारत – पाकिस्तान युद्ध के दौरान मिग विमान का सफलता पूर्वक सञ्चालन कर अपनी योगता को साबित कर दिया .

सन 1984 में राकेश शर्मा अपनी इसी योग्यता के बल पर भारतीय वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर के पद तक पहुँचे . और  इसी बीच राकेश शर्मा का चयन भारत और सोवियत संघ के बीच एक संयुक्त अंतरिक्ष अभियान के लिए  एक भारतीय नागरिक जिनका नाम रवीश मल्होत्रा था के साथ किया गया .

दोस्तों आपको बता दें की दरअसल भारत के अंतरिक्ष विज्ञान  संगठन इसरो और  सोवियत संघ के इंटरकांसमांस के इस संयुक्तअभियान के तहत अंतरिक्ष का अध्यन करने के लिए दोनों देशो के तीन यात्रियों को अंतरिक्ष विमान के द्वारा अंतरिक्ष में जाना था . आपको बता दें की इस तीन यात्रियों में से दो यात्री सोवियत संघ से और एक यात्री भारत से चुना जाना जाना था . लकिन इससे पूर्व भारत के दो व्यक्ति जिनको अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना  गया था इन दोनों को प्रशिक्षण के लिए सोवियत संघ के कजाकिस्तान स्थित अंतरिक्ष स्टेशन बेकानूर भेजा गया . इस  प्रशिक्षण में राकेश शर्मा अव्वल रहे और राकेश शर्मा को भारत से पहली बार अंतरिक्ष में जाने का सुनहरा मौका दिया गया .

आखिरकार 2 अप्रैल 1984 को वो सुनहरा ऐतिहासिक दिन आ ही गया जब राकेश शर्मा ने दो सोवियत अंतरिक्ष यात्री कमांडर वाई वी मलिशेव और फ्लाइट इंजिनियर जी .एम स्त्रोक्लोफ के साथ अंतरिक्ष विमान सोयुज T-11 में अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी . उड़ान भरने के बाद तीनो अंतरिक्ष यात्री सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में सोवियत संघ द्वारा स्थापित आर्बिटल स्टेशन सोल्युज-7 में पहुँच गए .

राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष में कुल 7दिन 21 घंटे और 40 मिनट बिताये थे . अंतरिक्ष यात्री के इस दल ने  अंतरिक्ष में कुल 43 प्रयोग किये थे जिनमें वैज्ञानिक तकनीक और अध्यन शामिल थे . इस मिशन पर राकेश शर्मा को बायो-मेडिसिन और रिमोट सेंसिंग के क्षेत्र से सम्बंधित जानकारी सौपी गयी थी .

दोस्तों आपको बता दें की जब राकेश शर्मा अंतरिक्ष से वापस आये थे उस समय जॉइंट टेलीविज़न के द्वारा पहले राकेश शर्मा के  क्रू ने और फिर भारत  प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राकेश शर्मा से  कांफ्रेंस की थी और आपको बता दें की  कांफ्रेंस के दौरान  प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी  ने राकेश शर्मा से पूछा था की अंतरिक्ष से हमारा भारत कैसा दिखाई देता है तो राकेश शर्मा ने जबाब दिया था -‘की सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान  हमारा ‘ उस समय हमारा देश भारत किसी इंसान को अंतरिक्ष में भेजने वाला विश्व का 14  देश बन गया  था .

राकेश शर्मा को अंतरिक्ष यात्रा के बाद मिले आवार्ड

जब राकेश शर्मा सफलता पूर्वक अंतरिक्ष की यात्रा करके भारत आये थे उस समय राकेश शर्मा को  हीरो  ऑफ़  सोवियत संघ के पद से सम्मानित किया गया था . इसके साथ ही राकेश शर्मा को  भारत सरकार ने  अपने  सर्वोच्च अवार्ड (शांति के समय में) अशोक चक्र से सम्मानित किया था, राकेश शर्मा के साथ  सोवियत  संघ के  दो और सदस्य मलयशेव और स्ट्रेकलोव को भी भारत सरकार ने अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था .

दोस्तों आपको बता दें की सन 1987 में राकेश शर्मा भारत  के वायु सेना के विग कमांडर के पद से सेवा निवृत्त हुए और इसके बाद राकेश शर्मा ने हिन्दुस्तान ऐरोनोटिक्स लिमिटेड(HAL) में टेस्ट पायलेट के तौर पर कुछ समय के लिए अपनी सेवाए दी थी . इसके बाद राकेश शर्मा को सन 2006 में ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बोर्ड में नामांकित किया गया .

आज हमने  आपको भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जीवनी के बारें बताया . जैसे – राकेश शर्मा का जीवन परिचय , राकेश शर्मा की शिक्षा , राकेश शर्मा का करियर , राकेश शर्मा को मिले आवार्ड आदि .

हम आशा करते है की आज हमने आपको भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जीवनी के बारें में जो कुछ भी बताया उससे आपने बहुत कुछ सिखा होगा . आज आपने भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के जीवनी के बारें में जो कुछ भी सीखा उसे आप अपने तक सिमित नहीं रखे बल्कि उसे दूसरों तक भी पहुचाएं जिससे दुसरे लोग भी भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के बारें में जान सके.

 

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