तथ्य

अश्वगंधा खाने के फायदे और नुकसान –

अश्वगंधा खाने के फायदे और नुकसान
Written by Vinod Pant

hello दोस्तो funfreak में आपका स्वागत है .

आज मैं आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से अश्वगंधा के बारें में अनेक जानकारी दूंगा , जैसे – अश्वगंधा क्या है , अश्वगंधा खाने के फायदे और नुकसान के बारें में बताऊंगा .

अश्वगंधा क्या है-

अश्वगंधा का सदियों से प्रचीन भारतीय आयुर्वेद में महत्वपूर्ण योगदान रहा है , ये सदियों से इस्तेमाल की जाने वाली औषधि है .अमेरिका और अफ्रीका में रहने वाले लोगों द्वारा फैलाये संक्रमण को दूर करने के लिए इस औषधि का प्रयोग किया जाता है . अश्वगंधा के पौधे और इसके औषधीय गुणों के प्राचीन वर्णन पारंपरिक चीनी चिकित्सा और आयुर्वेद दोनों में व्यापक रूप से किया गया है। अश्वगंधा को भारतीय जिनसेंग के रूप में भी जाना जाता है.

अश्वगंधा के जड़ो से आने वाली बदबू घोड़े के पसीने जैसे होती है इसलिए अश्वगंधा को घोड़े की गंध के रूप में भी जाना जाता है .  इस जड़ीबूटी का प्रारंभ भारत में हुआ और यह शुष्क क्षेत्रों में सबसे अच्छी तरह बढ़ता है। यह एक मज़बूत पौधा है जो बहुत उच्च तापमान और कम तापमान यानि 40 डिग्री सेल्सियस से 10 डिग्री सेल्सियस तक के अंतर में भी जीवित रह सकता है .

अश्वगंधा का प्रयोग –

 

अश्वगंधा का इस्तेमाल  गठिया, चिंता, नींद ना आना (इंसोम्निया), ट्यूमर, टीबी, अस्थमा, त्वचा पर सफ़ेद दाग (ल्युकोडेर्मा), ब्रोंकाइटिस, पीठ में दर्द, मांसपेशियों में दर्द (फ़िब्रोम्यल्जिआ) मासिक धर्म में समस्या, हिचकी आना और लम्बे समय से चली आ रहे लिवर रोग में किया जाता है।

अश्वगंधा का इस्तेमाल सामान्य  टॉनिक के साथ दैनिक तनाव को कम करने में किया जाता है , जिन लोगों की सोचने की शक्ति कम है उन लोगों की सोचने की शक्ति को बढाने में भी अश्वगंधा का प्रयोग किया जाता है ,इसके साथ ही हाथ -पैर में सुजन कम करने और बड़ते उम्र के साथ होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए भी अश्वगंधा का उपयोग किया जाता है .

अश्वगंधा का उपयोग बाझपन की समस्याओं को दूर करने के साथ कामेच्छा बढाने में भी किया जाता है .  अश्वगंधा को त्वचा पर लगाने से घाव, पीठ का दर्द और शरीर के एक तरफ हुआ लकवा ठीक हो जाता है। अश्वगंधा में दिमाग को शांत करने वाले केमिकल होते हैं। ये सूजन घटाते हैं, बीपी कम करते हैं और रोग निरोधक शक्ति बढ़ाते हैं.

अश्वगंधा के फायदें –

अश्वगंधा एक प्राचीन औषधि है , और इसके अनेक फयदे है ,. इसके कुछ फायदें  हम आपको बता रहे है .

अश्वगंधा के ह्रदय स्वास्थ के लिए फायदें –

अश्वगंधा, अपने सूजन कम करने के गुण, एंटीऑक्सीडेंट और तनाव कम करने के गुणों के साथ, हृदय स्वास्थ्य की समस्याओं के लिए बहुत लाभदायक  है। यह हृदय की मांसपेशियों को भी मज़बूत करता है .

अश्वगंधा खाने से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम हो जाती है ,जिससे ह्रदय सम्बन्धी बिमारियों का खतरा कम बना रहता है .

कैंसर के लिए अश्वगंधा के फायदे –

एक अध्ययन में कैंसर को खत्म करने के लिए ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में, विकिरण चिकित्सा और रसायन चिकित्सा के साथ अश्वगंधा को एक उभरता हुआ सहयोगी माना गया है। यह ट्यूमर सेल को खत्म करने की गतिविधि के साथ बिना हस्तक्षेप किए कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए जाना जाता है.

जानवरों और टेस्ट ट्यूब में होने जांच में ये पता चला है की अश्वगंधा खाने से एपोप्टोसिस बढ़ता है जो कैंसर कोशिकाओं को मारने की एक विधि है . ये कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने में भी रोक सकती है .

अश्वगंधा “रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज़” (reactive oxygen species) बनता है जिससे कैंसर सेल ख़तम होते हैं। इससे कैंसर सेल एपोप्टोसिस का सामना नहीं कर पाते और ख़तम हो जाते हैं .

अश्वगंधा का अवसाद में असर –

भारतीय आयुर्वेद में अश्वगंधा को शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के रोगों में विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है .भारत के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान संस्थान में, मानसिक स्वास्थ्य पर अश्वगंधा के प्रभाव को, विशेष रूप से अवसाद (depression) में, अध्ययन किया गया है. इस अध्ययन ने चिंता और अवसाद के संबंध में अश्वगंधा के लाभों का वर्णन किया है.

एक शोध में ये पता चला है की जो लोग चिंता से ग्रस्त है , अगर वो 60 से 65 दिन लगातार 600g अश्वगंधा का सेवन करें तो उनमें ये समस्या लगभग 79% कम हो जाती है .

अश्वगंधा के तनाव विरोधी गुण –

अश्वगंधा में तनाव कम करने वाले गुण भी पाए जाते है . परंपरागत रूप से, इसका उपयोग व्यक्ति पर सुखद और शांत प्रभाव देने के लिए किया जाता था, लेकिन विभिन्न अनुसंधान प्रयोगों में अश्वगंधा में तनाव विरोधी गुण देखे गए है .  अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि अश्वगंधा के प्रयोग से चरम तापमान बदलाव में रखे पशुओं के तनाव के स्तर में भी उल्लेखनीय कमी आइ है .

अश्वगंधा के बैक्टीरिया के संक्रमण में लाभ-

आयुर्वेदिक चिकित्सकीय ग्रंथों के अनुसार अश्वगंधा मानव में बैक्टीरिया के संक्रमण को नियंत्रित करने में प्रभावी है .

भारत में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी के केंद्र में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि अश्वगंधा में जीवाणुरोधी गुण हैं और मौखिक रूप से इसके सेवन किए जाने पर यह मूत्रजनन, जठरांत्र और श्वसन तंत्र के संक्रमण में बहुत प्रभावी है।

अश्वगंधा है घाव भरने में उपयोगी –

अश्वगंधा का प्रयोग घावो को भरने में भी किया जाता है . अश्वगंधा की जड़ो को पीसकर लेप बना ले और इसे घाव पर लगा ले इससे आपको काफी राहत मिलेगी .

अश्वगंधा है मधुमेह का इलाज –

अश्वगंधा लंबे समय से आयुर्वेदिक चिकित्सा में सुगर के उपचार के लिए इस्तेमाल किया गया है. डायबिटीज के उपचार में अश्वगंधा के उपयोग पर अनुसंधान ने सकारात्मक परिणाम का संकेत दिया है। प्रयोगों ने दर्शाया कि जब अश्वगंधा का सेवन चार सप्ताह की अवधि के लिए किया गया, तब उपवास और दोपहर के खाने के बाद रक्त शर्करा के स्तर में काफी कमी आई .बहुत सारे मामलों में देखा गया है कि अश्वगंधा खाने से ब्लड शुगर स्तर कम होता है .एक टेस्ट ट्यूब स्टडी में देखा गया था की अश्वगंधा खाने से इन्सुलिन की मात्रा शरीर में बढ़ती है और मांसपेशियों में इन्सुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है.

अश्वगंधा में हैं कामोद्दीपक गुण –

इपोथायरायडिज़्म के मामलों में, अश्वगंधा का इस्तेमाल थाइरोइड ग्रंथि को उत्तेजित करने के लिए किया जा सकता है . थायरॉयड ग्रंथि पर अश्वगंधा के प्रभाव पर एक अध्ययन से पता चला है कि इसकी जड़ों का एक्सट्रैक्ट, अगर प्रतिदिन लिया जाए, तो थायराइड हार्मोन के स्राव में वृद्धि होगी.

अश्वगंधा का उपयोग मांसपेशियों की शक्ति में सुधार लाने के लिए –

अश्वगंधा निचले अंगों की मांसपेशियों की शक्ति में सुधार लाने और कमज़ोरी दूर करने में उपयोगी पाया गया है . यह मस्तिष्क और मासपेशियों के बीच समन्वय पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।एक वैज्ञानिक अध्ययन से पता चला है कि अश्वगंधा से शरीर की संरचना और ताकत बढ़ती है. पुरुषों में अश्वगंधा खाने से मांसपेशियां तंदरुस्त होती हैं, शरीर के चर्बी घटती है और ज़ोर बढ़ता है.

अश्वगंधा का फायदा त्वचा की समस्या के लिए-

श्रृंगीयता (keratosis) के कारण त्वचा सख्त और रूखी हो जाती है। अश्वगंधा का उपयोग श्रृंगीयता (keratosis) के इलाज में किया जाता है. श्रृंगीयता की समस्या से छुटकारा पाने के लिए दिन में दो बार पानी के साथ तीन ग्राम अश्वगंधा लें। त्वचा को युवा रखने के लिए यह कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देता है और प्राकृतिक त्वचा तेलों की वृद्धि में मदद करता है . अश्वगंधा में उच्च स्तर के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो झुर्रियों, काले धब्बे जैसे उम्र बढ़ने के संकेतों से लड़ने में सहायक हैं. अश्वगंधा त्वचा कैंसर से भी बचाता है.

अश्वगंधा का फायदा बालों के लिए –

अश्वगंधा शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को कम करके बालों के गिरने को नियंत्रित करता है। अश्वगंधा बालों में मेलेनिन की हानि को रोक कर समय से पहले बालों के ग्रे होने को रोकता है। अश्वगंधा में टाइयरोसीन है जो एक एमिनो एसिड है और शरीर में मेलेनिन के उत्पादन को उत्तेजित करता है।

अश्वगंधा से बालों की जड़ें मज़बूत होती हैं। अश्वगंधा और नारियल तेल से बनाया गया टॉनिक रोज़ बालों पर लगाने से बालों से सम्बंधित सभी जानकारियाँ खत्म हो जाती है .अश्वगंधा को गिलोय में मिलाकर लगाने से हड्डियों को सहारा मिलता है और खोपड़ी बालों को संभालने के लिए मज़बूत होती है. सामान्य से कम नींद मिलने पर तनाव होता है . कम सोने से तनाव और चिंता बढ़ती है जिससे ज़्यादा बाल झड़ते हैं। अश्वगंधा से अच्छी नींद आती है और वो चिंता को कम करता है जो बाल झड़ने का मुख्य कारण है। लम्बे समय से चले आ रहे तनाव से ग्रस्त वयस्कों का अध्ययन करने पर पता चला कि अश्वगंधा लेने से अनिद्रा और चिंता 69.7% कम होती है .

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अश्वगंधा के नुकसान –

अश्वगंधा के नुक्सान

अश्वगंधा को गर्भवती महिलाओं को नहीं देने si साल्ह दी जाती है .क्योकि इसमें गर्भ गिराने वाले अनेक गुण है . अश्वगंधा का उपयोग करते समय डॉक्टर सावधानी रखने की सलाह देते हैं क्योंकि अश्वगंधा सामान्य रूप से ली जा रही दवाइयों के साथ हस्तक्षेप कर सकता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो मधुमेह, हाई बीपी, चिंता, अवसाद और अनिद्रा जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं . अश्वगंधा की ज्यादा मात्र  से उलटी आना, पेट ख़राब होना या डायरीआ जैसी समस्या हो सकती है। कुछ लोगों को अश्वगंधा से एलर्जी भी हो सकती है . अश्वगंधा कुछ दवाइयों के असर को घटा या बड़ा सकता है . इसके बारें हम आपको निचे बता रहे हैं .

  • नीद की दवा –

अश्वगंधा शारीर में नीद लाने और उर्जा बढाने का काम करता है . एक वैज्ञानिक सर्बे में ये सामने आया है की अश्वगंधा दवा के असर को बड़ा भी सकता है और घटा भी . अगर  आप  बेंज़ोडियाज़पी को ले रहे तो आप ये याद रखे की अश्वगंधा कोइ नीद लाने की दवा नहीं है .

  • रोग निरोधक शक्ति को घटाना –

हमारे शरीर की बहारी तत्वों के तरफ क्या भूमिका इसको अश्वगंधा संतुलित करता है . अगर सरल शब्दों में कहे तो अश्वगंधा उन दवाइयों के असर को कम कर देता है जो हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है .

  • डायबिटीज को संतुलित करने वाली दवाइयां –

अश्वगंधा से डायबिटीज की बीमारी को जड़ से ख़त्म कर देता है . डाक्टरों की माने तो अश्वगंधा हमारे शरीर में ब्लेड शुगर की मात्र को 12% तक कम करता है . अगर आप डायबिटीज की दवाइयां ले रहे तो आप अश्वगंधा को नहो ले क्योकि ये आपके ब्लेड शुगर को सामान्य से नेचे गिरा सकता है .

  • बीपी कम करने वाली दवाइयां –

अगर आप बीपी की दवाइयां ले रहे है तो आपको इसके साथ अश्वगंधा की दवाइयां न ले . ऐसा करने से आपका बीपी काफी लो हो सकता है .

थाइरोइड के लिए दवाइयां –

अश्वगंधा को सही मात्रा में लेने से थाइरोइड संतुलित हो जाता है , साथ ही आपका अपापचय भी ठीक हो जाता है . अगर आप थाइरोइड की दवाइयां ले रहे है तो आपको इसके साथ अश्वगंधा का सेवन नहीं करता है .

अश्वगंधा का उपयोग कैसे करें-

  • अश्वगंधा की सूखी हुई जड़ के पाउडर के 2 चम्मच लें.
  • इसे 3.5 कप उबलते हुए पानी में डालें .
  • इसे 15 मिनट तक उबलने दें .
  • इसे अच्छे से छान लें ताकि कोई कण पानी में ना रहे .
  • रोज़ 1/4 कप पिएं .

अश्वगंधा और घी का मिश्रण –

  • 2 चम्मच अश्वगंधा को 1/2 कप घी में भून लें .
  • 1 चम्मच खजूर से बनी चीनी उसमें मिलाएं .
  • इस मिश्रण को फ्रिज में रखदें .
  • इस मिश्रण का 1 चम्मच दूध या पानी के साथ लें .

अश्वगंधा को किसी अन्य पदार्थ के साथ मिलाकर लेना –

  • अश्वगंधा की जड़ को धुप में सुखा ले , जब से अच्छी तरह से सुख जाए तो इसे एक डिब्बे में रख  लें .
  • इसके बाद अश्वगंधा की जड़ का चूर्ण बना ले और उसके  ऊपर 80 से 100 एमएल वोडका या रम के दो कप उसके ऊपर डालें .
  • अब आप इस मिश्रण को एक बंद डिब्बे में किसी अँधेरी जगह पर 2 हप्ते से 4 महीने के लिए रख दें . लेकिन इस मिश्रण को बीच -बीच में हिलाते रहे .
  • जब आपका मिश्रण तैयार हो जाए तो इसे आप एक शीशे की बोतल में बंद कर करके रख ले .
  • अश्वगंधा मिश्रण कीे 40-50 बूँदें 120 एमएल पानी में मिलाकर पिएं . इसका  दिन में 3 बार सेवन करें या अपने डॉक्टर से संपर्क कर ले .

आज हमने आपको अश्वगंधा के बारें में अनेक जानकारियाँ दी जैसे – अश्वगंधा क्या है , अश्वगंधा खाने के फायदे और नुकसान, हम आशा करते है की आपको ये जानकारी पसंद आई होगी . आज आपने जो भी जानकारियाँ हासिल की उसे आप अपने तक ही सिमित नहीं रखे बल्कि उसे दूसरों तक भी पहुचाएं .

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