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एनोड और कैथोड क्या है

एनोड और कैथोड क्या है
Written by Vinod Pant

आज में आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से Anode (एनोड ), Cathode (कैथोड) के बारे में अनेक जानकारी दूंगा .

जब भी किस  Batteries  के बात आती है तो उसमें एनोड और कैथोड की बात जरुर आती है , शायद आप सोच रहे होंगे की ये एनोड और कैथोड क्या या आपको इसके बारें में पता भी होगा , लेकिन शायद आपको इसके बारें में ज्यादा पता न हो इसलिए मैं आज आपको इस आर्टिकल के माध्यम से एनोड और कैथोड के बारें में  अनेक महत्वपूर्ण जानकारी दूंगा .

किसी भी बैटरी में दो सिरे होते है उनमें से एक सिरा एनोड और एक सिरा कैथोड होता है , लेकिन हम ये नहीं  जानते है की कौन सा सिरा एनोड है और कौन सा सिरा कैथोड और कौन सा सिरा Positive है और कौन सा सिरा negative है , आज इन सब के बारें में में आपको इस आर्टिकल में बताऊंगा .

Anode क्या है-

वह टर्मिनल जहां जहां (पारंपरिक) प्रवाह बाहर से डिवाइस में बहता है. आहार सरल शब्दों में कहे तो एनोड से device पर इलेक्ट्रान बहते है .

कैथोड क्या है –

कैथोड वह टर्मिनल है जहां पारंपरिक प्रवाह वर्तमान device में बहता है , अगर दूसरेन शब्दों में कहे तो इलेक्ट्रान इस टर्मिनल  में बहार से बहते है .

क्या आपको पता है एनोड किरणों की खोज किसने की थी –

एनोड किरणों (Rays ) की खोज 1886 में Eugen Goldstein की थी , एक एनोड जिसे हम (जिसे की positive ray या canal ray भी कह सकते है )एक ऐसा  ऐसा positive ions का beam होता है जिसे की कुछ specific types के gas-discharge tubes से create किया जाता है . इसका  सबसे पहले Crookes tubes में experiment करने के दौरान observe (निरीक्षण) किया गया था . इस Experiments को सन 1996 में German scientist जिनका नाम  Eugen Goldstein के द्वारा किया गया था .

कैथोड किरणों की खोज किसने की थी –

CRT (Cathode Ray Tube) की earliest version को “Braun tube” भी कहा जाता है , इनको एक जर्मन वैज्ञानिक जिनका नाम Ferdinand Braun ने 1897 में किया था . यह एक cold-cathode diode था, जो की एक modification था Crookes tube की जिसमें एक phosphor-coated screen का इस्तमाल किया गया था.

Current का Flow क्या होता है ?

current के flow से एनोड और कैथोड  को डिफाइन किया जाता है . अगर सरल शब्दों में current की बात करें तो  current का अर्थ होता है electrical charge का movement , movement चाहे किसी दिशा में हो current कहलाता है . एक बात अच्छी  तरह से जान लें की current की Direction  Negative Charge के उप्पर नहीं बहती बल्कि Positive Charge के उप्पर बहती है .

यहाँ एक बात एक बात ध्यान देने वाली ये है की Curent की movement हमेशा Electon के movement के विपरीत होती है,  यहाँ शायद आपके मन में एक सवाल उठ रहा होगा की ऐसा डिफाइन किसने किया , लेकिन शायद ही इसका जबाब आपको कई से मिल पाए , क्योकि यही standard होता है और इसे सबने  universally मान लिया है . आपको बता दें की current उसी  दिशा में flow करता है जिस दिशा में positive charge carriers move करती है .

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क्या है Cathode की Characteristics ?

  • कैथोड एक negatively charged electrode होती है .
  • cations या positive charge को cathode attracts करती है .
  • कैथोड electrons का  एक source  होता है इसे हम एक electron donor भी कहते है .ये एक positive को attracts करती है .
  • कैथोड इलेक्ट्रान generate करती है ये typically electrical species होते है , हम ये कह सकते है की cathode से anode तक ,   कैथोड charge generate करती है current को move करती है . ये थोडा confusing लग सकता है, क्यूंकि Current का direction निर्भर करता है positive charge किस direction में move कर रही हैं, बस यहाँ एक चेज ध्यान रखने वाली ये है की charged particles की कोई भी movement को current कहा जाता है

क्या है Anode की Characteristics –

  • Anode एक  positively charged electrode होता है .
  • एनोड  electrons या anions को attracts करती है .
  • positive charge या एक electron acceptor का  anode एक source होता है .

एनोड और कैथोड में अंतर –

  • charge किसी भी  direction में flow कर सकता है .  चाहे वो positive से negative हो या negative से positive , और इसी कारण से  anode positively charged हो सकता है या negatively ये  situation पर निर्भर करता है , यही चीज कैथोड पर भी लागू होती है .
  • एनोड और कैथोड का प्रयोग एक Polarised Electrical Device के terminals को refer करने के लिए किया जाता है.
  • इन दोनों में मुख्य अंतर ये है की anode एक ऐसा terminal होता है जहाँ की (conventional) current device के भीतर flows करता है बाहर से, वहीँ cathode एक ऐसा terminal होता है जहाँ की (conventional) current flows device से बाहर जाता है.

अंतिम राय –

आज मैने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से एनोड और कैथोड क्या है के बारे में अनेक जानकारी दी जैसे  – कैथोड क्या है,एनोड क्या है , एनोड किरणों की खोज किसने की थी, कैथोड किरणों की खोज किसने की थी ,Current का Flow क्या होता है , क्या है Cathode की Characteristics , एनोड और कैथोड में अंतर आदि .

हम आशा करते है आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से जो भी जानकारी दी होगी वो जानकारी आपको पसंद आई होगी , आज आपने इस आर्टिकल के माध्यम से जो भ जानकारी हासिल की उसे आप अपने तक ही सिमित नहीं रखे ,बल्कि इसे दूसरों तक भी पहुचाएं , जिससे दूसरों लोग भी इसके बाएँ में जान सके .

आपको यह लेख कैसा लगा नीचे comment कर के जरुर बताइए अगर अभी भी कोई सवाल आप पूछना चाहते हो तो निचे Comment Box में जरुर लिखे| और कोई सुझाव देना चाहते हो तो भी जरुर दीजिये| अगर आपने हमारे Blog को अभी तक Subscribe नहीं किया हैं तो जरुर Subscribe करें| धन्यवाद

 

 

 

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