जीवन परिचय

कल्पना चावला की जीवनी

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Written by Vinod Pant

क्या आप कल्पना चावला की जीवनी  बारें में जानते है . क्या आप जानते है की ये कौन है , अगर आप कल्पना चावला की जीवनी के  बारें में जानतें है तो ये  अच्छी बात है . अगर नहीं जानते है तो आज हम आपको कल्पना चावला की जीवनी के बारें अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां देंगे .

Kalpana chawla

कल्पना चावला

दोस्तों कल्पना चावला पहली भारती अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और अंतरिक्ष में जाने वाली  पहली भारतीय महिला थी .  सन 1997 में कल्पना चावला अंतरिक्ष शटल मिशन विशेषज्ञ थी . और सन 2003 में कोलंबिया अंतरिक्ष यान आपदा में मारे गए 7 यात्रियों में से एक थी .

कल्पना चावला का जीवन

पूरा नाम – कल्पना जीन पियरे हैरिसन (विवाहपूर्व – कल्पना बनारसी लाल

जन्म – 7 मार्च 1962

जन्म स्थान –  करनाल, पंजाब, (जो अभी हरयाणा, भारत में है)

पिता – बनारसी  लाल चावला

माता – संज्योथी चावला

विवाह       –  जीन पियरे हैरिसन 

दोस्तों आपको बता दें की भारत की बेटी कल्पना चावला के जन्म 7 मार्च 1962 को  करनाल, पंजाब , में हवा था . और अभी ये स्थान हरयाणा, भारत में है . कल्पना चावला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा टैगोर बाक निकेतन  सीनियर सेकंडरी स्कूल , स्कूल करनाल से और बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग  (एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग) के शिक्षा सन 1982 में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ से पूरी की थी .

इसके बाद कल्पना चावला सन 1982 सयुक्त राज्य अमेरिका चली गयी . और वहा कल्पना चावला ने  सन 1984 में विश्वविद्यालय आरलिन्गटन से  वैमानिक अभियांत्रिकी (एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग) में विज्ञानं स्तातक की उपाधि हासिल की  यही से कल्पना चावला के जीवन में एक नया मोड़ आया .

विज्ञानं में उपाधि हासिल करने के बाद कल्पना चवला ने ठान लिया था की उन्हें अंतरिक्ष यात्री बनना है . लकिन इस समय इनके जीवन में बहुत  सारी आपदाए घटी . लकिन कल्पना चावला ने हार नहीं मानी और सन 1986 में दूसरी बार विज्ञान स्नातक की उपाधि हासिल की .  और इसके बाद कल्पना चावला ने  सन 1988 में कोलोराडो विश्वविद्यालय बोल्डर से वैमानिक अभियांत्रिकी में विद्या वाचस्पति (PhD) की उपाधि पायी .

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कल्पना चावला का करियर

सन 1988 के अंत में कल्पना चावला ने नासा (Nasa) के एम्स अनुसंधान केंद्र के लिए ओवेर्सेट मेथड्स इंक के उपाध्यक्ष के रूप में काम करना शुरू किया. इसके बाद कल्पना चवला ने यहाँ वी/एसटीओएल (Short Takeoff And Landing Concepts) में सीएफडी (Computational Fluid Dynamics) पर अनुसंधान किया.  दोस्तों आपको बता दें की कल्पना चावला को हवाई जहाजो .  ग्लाइडरो व व्यावसायिक विमानचालन के लाइसेंसों के लिए  प्रमाणित उड़न प्रशिक्षक का दर्जा हासिल था .

सन 1991 में कल्पना चावला एक देशियकृत संयुक्त राज्य अमेरिका की नागरिक बनी. और इसके बाद कल्पना चावला सन 1995 में नासा अंतरिक्ष कोर में  में शामिल हुयी . और सन 1996 में कल्पना चावला को उनकी पहली उड़ान के लिए चुना गया . अंतरिक्ष के सफ़ेद आसमान में उड़ान भरते समय कल्पना चावला ने ये कुछ शब्द कहे थे  और वे शब्द है  “ये आपकी  बुद्धि का परिणाम है ,  कल्पना चावला ने अपने पहले मिशन में अंतिरिक्ष में 10.67 मिलियन किलो मीटर का सफ़र तय करके पृथ्वी की 252 चक्कर लगाये थे .

कल्पना चावला का पहला मिशन 19 नवम्बर 1997 को 6 अंतरिक्ष – यात्री  दल के हिस्से के रूप में  अंतरिक्ष शटल कोलंबिया के उड़ान के साथ एसटीएस-87 से शुरू हुआ. आपको बीटा दें की कल्पना चावला अंतरिक्ष में उड़ने वाली पहली भारती महिला और देश की दूसरी व्यक्ति थी. कल्पना चावला से पहले भारत के राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत (Soyuz T-11) अन्तरिक्ष यान में उड़ान भरी थी . कल्पना चावला ने  अपने पहले अंतरिक्ष मिशन के दोरान अंतरिक्ष में 360 घंटे बिताये थे . एसटीएस-87 के दौरान स्पार्टन उपग्रह  को तैनात करने की जिम्मेदारी भी कल्पना चावला की थी . इस खराब उपग्रह को पकड़ने के लिए विस्टन स्कॉट और तकाओ दोई को अन्तरिक्ष में  को भी अंतरिक्ष में जाना पड़ा था . पाँच महीने की लम्बी खोज बीन के बाद नासा ने कल्पना चावला को इस मामले पूर्णतया दोष मुक्त पाया और

एसटीएस-87 की उदानोपरांत गतिविधियों के पूरा होने के बाद कल्पना चावला ने अंतरिक्ष कार्यालय में , तकनीकी पदों पर काम किया . कल्पना चावला ने यहाँ जो भी कार्य किये उनके सभी कार्यो को उनके साथियो ने परुस्कार देकर सम्मानित किया .

इसके बाद कल्पना चावला का सन 2000 में एसटीएस-107 में अपनी दूसरी उड़ान के लिए कर्मचारी के तौर पर चुना गया . लकिन ये अभियान कुछ कमियों  और विभिन्न कार्यो में नियोजित समय में टकराव के कारण लगातार पीछे खिसकता गया , लकिन इसके बाद कल्पना चावला ने अंततः  कोलंबिया पर  चढ़ कर विनाशरत एसटीएस-107 मिशन का आरम्भ किया. आपको बता दें की कल्पना चावला के साथ उनके इस जिम्मेदारियों में स्पेसहेब और कुछ छोटे प्रयोग  शामिल थे .  जिसके लिए कर्मचारी दल ने 80 प्रयोग किये थे . जिनके जरिये पृथ्वी व अन्तरिक्ष विज्ञान, उन्नत तकनिकी विकास व अन्तरिक्ष यात्री स्वास्थ व् सुरक्षा का अध्ययन हुआ.

कल्पना चावला की मृत्यु

1 फरबरी 2003 को जब कोलंबिया के अंतरिक्षयान ने पृथ्बी के कक्षा  में प्रवेश किया तो  पृथ्बी के कक्षा में प्रवेश करते ही  यान टूटकर बिखर गया और देखते ही देखते  अंतरिक्ष यान और उसमें सवार सात  यात्रियों के अवशेष टेक्सास नामक शहर पर गिरने लगे . और सफल कहलाया जाने वाला ये अभियान भीषण सत्य बन गया .

दोस्तों आज के समय में कल्पना चावला लड़कियों के लिए  आदर्श है . आज की लडकियों को ये सोचना  चाहिए की जब कल्पना चावला एक माध्यम वर्गीय परिवार से होकर इतना सब कुछ कर सकती है तो  वो क्यों नहीं कर सकती है ,

मृत्यु उपरांत कल्पना चावला को मिले पुरूस्कार

1) कांग्रेशनल अंतरिक्ष पदक के सम्मान।
2) नासा अन्तरिक्ष उडान पदक।
3) नासा विशिष्ट सेवा पदक।

आज हमने आपको कल्पना चावला की जीवनी बारें  में अनेक महत्वपूर्ण बातें बतायी जैसे – कल्पना चावला कौन थी . कल्पना चावला की प्रारम्भिक शिक्षा , कल्पना चावला का करियर , कल्पना चावला की मृत्यु  आदि . दोस्तों अब तो आपको कल्पना चावला के बारे में जानकारियां हो गयी होगी .

हम आशा करते है की  आज आपने कल्पना चावला के बारें जो भी जानकारियां हासिल की उन जानकारियों को आप अपने तक ही सिमित नहीं रखे बल्कि उन जानकारियों को दुसरो तक भी पहुचाएं . जिससे दुसरे लोग भी भारत की बेटी कल्पना चावला के बारें में जान सके .

 

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