पर्यावरण

ग्लोबल वार्मिंग: कारण और उपाय (Global Warming: Causes and Remedy)

Written by Vinod Pant

hello दोस्तों funfreak में आपका स्वागत है .

दोस्तों क्या आप ग्लोबल वार्मिंग के बारें में जानते है क्या आप जानते है ग्लोबल वार्मिंग क्या है , अगर आप ग्लोबल वार्मिंग के बारें जानते है तो ये बहुत अच्छी बात है ,अगर ग्लोबल वार्मिंग के बारें में नहीं जानते है तो आज हम आपको इसके बारें में अनेक जानकारियां देने का प्रयास करेंगे .जैसे ग्लोबल वार्मिंग क्या है , ये कैसे होता है , इसके क्या कारण है ,इसके क्या उपाय है आदि ,

ग्लोबल वार्मिंग

दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से हम सबसे पहले एय जानते है की आखिर ये ग्लोबल वार्मिंग क्या है .

क्या है ग्लोबल वार्मिंग

अगर ग्लोबल वार्मिंग को आसान शब्दों में समझे तो ग्लोबल वार्मिंग का मतलब है ‘पृथ्वी के तापमान में वृद्धि और इसी को दुसरे शब्दों में कहे तो पृथ्वी के औसतन तापमान में  लगातार होने वाली विश्वव्यापी  वृद्धि को ही ग्लोबल वार्मिंग कहते है . ‘ पृथ्वी के तापमान में हो रही इस वृद्धि को पिछले 100 वर्षो में 1फारेनहाईट आँका गया है और इसके परिणाम बारिश के तरीको में बदलाव ,हिमखंडो और ग्लेशियर के पिघलने ,समुद्र के जल स्थर में वृद्धि , वनस्पति और जंतु जगत में  हो रहे प्रभावों के रूप में सामने आ सकते है .

दोस्तों अगर एक आम आदमी की बात करे तो एक आदमी ये कभी भी समझ सकता की ग्लोबल वार्मिंग दुनिया की कितनी बड़ी समस्या है .लेकिन इसे एक वैज्ञानिक परिभाषा  मानकर छोड़ दिया गया है . और ज्यादातर लोगों को ये लगता है की फिरहाल दुनिया को ग्लोबल वार्मिंग से कोइ खतरा नहीं है . लेकिन कुछ लोगों का ये मन्ना है की  ग्लोबल वार्मिंग 21 वी शताब्दी का सबसे बड़ा खतरा है और  यह खतरा तृतीय विश्वयुद्ध से भी बड़ा हो सकता है .

ग्लोबल वार्मिंग के  कारण –

ग्लोबल वार्मिंग: कारण और उपाय (Global Warming: Causes and Remedy)

1- ग्रीन हाउस

ग्लोबल वार्मिंग में होने वाले जलवायु परिवर्तन के जो सबसे अधिक जिम्मेदार है  वो है ग्रीन हाउस गैस. ग्रीन हाउस गैस वो गैस हो जो बहार से मिलने वाली ऊष्मा को अपने अन्दर ले लेती है.  ग्रीन हाउस गैस का उपयोग मुख्य रूप से उन पौधों को गर्म करने के लिए किया जाता है जो अत्यधिक सर्द मौसम में ख़राब हो जातें है इसी कारण इन पौधों को काँच के एक बंद घर में रखा जाता है और उस घर में ग्रीन हाउस गैस भर दी जाती है . ये गैस सूरज से आने वाली गर्मी को सोख लेती है और इस गर्मी का इस्तेमाल पौधे को गर्म रखने में करती है .

आपको बता दें की ठीक इसी प्रकार की प्रक्रिया पृथ्वी के साथ भी होती है . इस प्रक्रिया में भी सूरज से आने वाली किरणों को को पृथ्वी द्वारा सोख लिया जाता है और इस प्रक्रिया में हमारे पर्यावरण में फैली ग्रीन हाउस गैस का भी बहुत योगदान है

2-कार्बन डाइआॅक्साइड

ग्रीन हाउस गैस में सबसे महत्वपूर्ण गैस कार्बन डाइआॅक्साइड है जिसे मनुष्य साँस लेने के समय उत्सर्जित करते हैं।   पर्यावरण वैज्ञानिकों का कहना है की पिछले सालों की तुलना में इस साल  डाइआॅक्साइड गैस की मात्रा बढ़ी है।  कुछ वैज्ञानिकों का कहना साथ की कार्बन डाइआॅक्साइड के उत्सर्जन और तापमान वृद्धि में गहरा सम्बन्ध है कार्बन डाइआॅक्साइड में एक फ़िल्म भी बनी है  जिसका नाम आई – ‘द इन्कन्वीनियेंट ट्रुथ’। जो 2006 में आई थी  इस फ़िल्म में मुख्य किरदार में अमेरिकी उपराष्ट्रपति ‘अल गोरे’ थे और इस फ़िल्म का निर्देशन डेविड गुग्न्हेम’ ने किया था। और इस फ़िल्म को देश और विदेश में बहुत ही सराहा गया इस फ़िल्म को सर्वश्रेष्ठ डाॅक्यूमेंट्री का आॅस्कर एवार्ड भी मिला था  सन 1988 में ‘जलवायु परिवर्तन पर अन्तरशासकीय दल’ (Inter Governmental Panel on Climate Change) का गठन किया गया था।

3- जीवाश्म ईंधन जलाने से

आज कल गॉव घरों में खाना बनाने या कोई अन्य कार्य करने के लिए जीवाश्मी इंधन का प्रयोग सकते है|  जीवाश्मी इंधन  से कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है कोयला जलाने से  वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बहुत बड़ती है

4- वनों की कटाई

पेड़ जलवायु को विनियमित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि पेड़ हवा से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करती है लेकिन आज के समय में  मनुष्य अपनी जरूरत के लिए वनों  का अत्यधिक कटान कर रहें है जिससे जल का सकट बहुत ही ज्यादा बड़ रहा है

5-अधिक परिवहन के उपयोग से

जैसे जैसे जनसख्या बड़ती  जा रही है वैसे वैसे परिवहन साधन भी बड़ते जा रहे है . इन यातायात जे साधनों में  प्रयोग होने वाला  पेट्रोल डीजल जब जलता है तो तब इससे भारी  मात्रा में co2 और अन्य घातक गैसे उत्सर्जित होती है . आज इस

चीज को बहुत ही कम लोग जानते है  की  ग्लोबल वार्मिंग में  90% से ज्यादा योगदान मानवरहित कार्बन उत्सर्जन का है .

6 –आधुनिक जीवन शैली

आज के समय में  रेफ्रीजरेटर, AC, कुलिंग मशीनों का उपयोग बहुत ज्यादा होने लगा है . इस मशीनों से क्लोरो–फ्लोरो-कार्बन  गैस निकलती है जो  एक ग्रीन हाउस गैस है .

 7-उद्योगीकरण में वृद्धि

आज के समय में  उद्योगीकरण में वृद्धि भी  ग्लोबल वार्मिंग का एक प्रमुख कारण है . क्योकि आज के समय में उद्योगों से निकलने वाले  धुएं से कार्बन डाइआक्साइड निकलती है जो तापमान को बढाती है

ग्लोबल वार्मिंग के घातक परिणाम –

ग्रीन हाउस गैस वो गैस है जो पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश कर इसके तापमान को बढाता है . वैज्ञानिको के अनुसार अगर 21वी सदी तक इन गैसों का उत्सर्जन इसी प्रकार चलता रहा तो  शायद पृथ्वी का तापमान  3 डिग्री से 8 डिग्री सेल्सियस  तक बाद सकता है . अगर ऐसा हवा तो इसका परिणाम बहुत घातक सिद्ध हो सकता है . दुनिया में जितनी बर्फ की परते है वो सब पिघलनी शुरू हो जाएँगी और इसका सीधा प्रभाव समुद्र के जल स्तर पर पड़ेगा इससे समुद्र का जल स्तर कई फीट उप्पर तक बड जायेगा . इससे विश्व के कई हिस्से जल मग्न हो  जायेंगे और ये एक भारी तबाही का संकेत होगा .

जागरूकता-

. सिर्फ जागरूकता फैलाकर हीग्लोबल वार्मिंग रोका जा सकता है . हम अपने आसपास के वातावरण को जितना प्रदूषण से जितना मुक्त रखंगे उतनी ही भूमिका हमारी इस पृथ्वी को बचाने में होगी

ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन

 

ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन से मैदानी इलाकों में गर्मी बहुत ज्यादा पड़ेगी और इस वजह से अनेक प्रकार की बीमारियाँ पैदा होगी हमें आपने वातावरण को साफ और सुन्दर रखना होगा अगर हम आपने वातावरण का घ्यान नही रखेगें तो अनेक प्रकार की बीमारियाँ उन्पन्न हो सकती है आज हम व्यक्ति को पर्यावरण पर घ्यान देना चाहिए वैज्ञानिकों के अनुसार अगर प्रदूषण फैलने की रफ्तार इसी तरह बढ़ती रही तो इसे विश्व के सारे जीव-जंतु  में संकट आ सकता है साथ ही पेड़  पौधों में अनेक प्रकार के बदलाव आ सकते है

सारणी 1 में विभिन्न कारणों से एवं विभिन्न क्षेत्रों द्वारा उत्सर्जित ग्रीन हाउस गैसों का विवरण दिया गया है। 

पॉवर स्टेशन से21.3 प्रतिशत
इंडस्ट्री से
16.8 प्रतिशत
यातायात और गाड़ियों से14 प्रतिशत
खेती-किसानी के उत्पादों से12.5 प्रतिशत
जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल से11.3 प्रतिशत
रिहायशी क्षेत्रों से10.33 प्रतिशत
बॉयोमास जलने से
10 प्रतिशत
कचरा जलाने से3.4 प्रतिशत

ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के उपाय

वैज्ञानिको का कहना है की ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए मुख्य रूप से  सी.एफ.सी. गैसों का उत्सर्जन रोकना होगा . इसके लिए हमें  फ्रिज़, एयर कंडीशनर और दूसरे कूलिंग मशीनो का उपयोग कम मात्रा में करना होगा .इनके बदले ऐसी मशीनों का उपयोग करना होगा जिनसे सी.एफ.सी.गैसें कम  मात्रा में निकलती है .

उधोगों के चिमनियो से निकलने वाला धुवां बहुत हानिकारक है .और इस धुएं से अधिक मात्र में  कार्बन डाइआॅक्साइड निकलती है जो  तापमान को बड़ती है . हमें इन इकाइयों में प्रदूषण कम करने के उपाय खोजने  होंगे .

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अंतिम राय

दोस्तों आज हमने आपको ग्लोबल वार्मिंग: कारण और उपाय (Global Warming: Causes and Remedy) , क्या है ग्लोबल वार्मिंग , ग्लोबल वार्मिंग के  कारण , ग्लोबल वार्मिंग के घातक परिणाम , ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के उपाय के बारे में अधिक से अधिक जानकरी देने का प्रयास किया है

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