जीवन परिचय

नरेंद्र मोदी की जीवनी

नरेंद्र मोदी की जीवनी
Written by Vinod Pant

दोस्तों आप लोग भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारें में तो जानते ही होंगे . पर क्या आप लोग नरेंद्र मोदी के जीवनी के बारें में जानते है. दोस्तों  अगर आप भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनी के बारें में जानतें है तो ये अछि बात है अगर आप नरेंद्र मोदी की जीवनी बारें में नहीं जानतें है तो आज हम आप को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनी के बारें में बताएँगे .

नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय

नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय

दोस्तों ये तो आप लोग जानतें ही होंगे की नरेंद्र मोदी अभी के समय में हमारे देश भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री है , भारत देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में जो परिवर्तन लाये है . उन परिवर्तनो न केवल अभी बल्कि कई वर्षो तक याद रख्खा जायेगा . नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री है जो स्वतंत्रता के बाद पैदा हुए है . नरेब्द्र मोदी का जन्म 17सितम्बर 1950 को वडनगर के मेहसाना जिले में पंसारी परिवार में हुआ था .नरेंद्र मोदी का परिवार मोड़-गंची-तेली संप्रदाय से संबंध रखता हैं. आपको बता दें की ये सम्प्रदाय भारत सरकार के इतर पिछड़ा वर्ग में आते है .नरेंद्र मोदी के माता का नाम हीराबेन मोदी और पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी था . नरेंद्र मोदी का विवाह जशोदाबेन के साथ हुवा था .नरेंद्र मोदी दामोदरदास मूलचंद और हीराबेन मोदी को हुए 6 बच्चो में से तीसरे थे.

पूरा नाम  – नरेन्द्र दामोदरदास मोदी
जन्म       – 17 सितम्बर 1950
जन्मस्थान – वडनगर, जि. मेहसाना (गुजरात).
पिता       – दामोदरदास मूलचंद मोदी
माता      – हीराबेन मोदी
विवाह     – जशोदाबेन के साथ

नरेंद्र मोदी की शिक्षा

नरेंद्र मोदी की प्रारम्भिक शिक्षा उनके गाँव बडनगर से ही हुए थी .नरेंद्र मोदी के शिक्षक नरेंद्र मोदी के बारें में कहा करते थे की नरेंद्र मोदी एक विद्यार्थी होने के साथ साथ  वाद – विवाद में भी काफी रूचि थी . इसी कारण नरेंद्र मोदी के शिक्षको ने उन्हें वाद विवाद में उनकी वाक्पटुता के लिए सम्मानित किया था .नरेंद्र मोदी ने अपनी उच्च माध्यमिक शिक्षा भी सन 1967 में वडनगर से ही प्राप्त की थी . नरेंद्र मोदी जब कोइ नाटक करते थे तो वे उसमें कुछ ऐसी भूमिका निभाती थे जो उनके जीवन से भी बड़ी हो . इसी का प्रभाव नरेंद्र मोदी के राजनैतिक जीवन पर भी पड़ा .

दोस्तों आपको बता दें की नरेंद्र मोदी स्कूल पड़ने के साथ वडनगर के रेलवे स्टेशन पर अपने पिता के साथ चाय की दूकान चलाते थे . और इसके कुछ समय बाद नरेंद्र मोदी ने वाडनगर बस स्टेशन के पास अपने भाई के साथ  खुद का चाय का स्टाल खोल लिया .

नरेंद्र मोदी का परिवार

नरेंद्र मोदी के तीन भाई(सोम मोदी ,प्रहलाद मोदी और पंकज मोदी है ) और एक बहन(बसन्ती बेन हंसमुख मोदी )  है . सोम मोदी सेना निवृत्त स्वास्थ अधिकारी है और अभी के समय में वृद्धा आश्रम का सञ्चालन करते है नरेंद्र मोदी के दुसरे भाई प्रहलाद मोदी की अहमादाबाद में एक बड़ी दूकान है . नरेंद्र मोदी के तीसरे भाई पंकज मोदी अभी सूचना विभाग में कार्यरत है .

नरेंद्र मोदी का विवाह

जब नरेंद्र मोदी 18 साल के थे तब उनका विवाह जसोदा बेन के साथ कर दिया गया था . लेकिन मोदी ने इस विवाह की नहीं माना और नरेंद्र मोदी जसोदा बेन से अलग हो गए .

नरेंद्र मोदी का उत्तर भारत व कई अन्य राज्यों में भ्रमण

मोदी ने 1967 में अपनी स्कूल की शिक्षा पूरी होने के बाद अपन घर छोड़ दिया . और इसके बाद ऋषिकेश,हिमालय,रामकृष्ण मिशन और उत्तर भारत के आलावा कई अन्य राज्यों की संस्कृति को देखा .और उस संस्कृति को समझा 4 साल बाद नरेंद्र मोदी उत्तर भारत का भ्रमण कर गुजरात पहुचे . और अहमदाबाद में राष्ट्री स्वयं सेवक सघ के प्रचारक बन गए .इसके बाद नरेंद्र मोदी ने 1978 में नरेंद्र मोदी ने पत्राचार में दिल्ली university से राजनैतिक विज्ञान में मास्टर की डिग्री हासिल की .

नरेंद्र मोदी का प्राम्भिक राजनैतिक जीवन

नरेंद्र मोदी ने जब राष्ट्री स्वयं सेवक सघ  में जाँइन किया था उन ही दिनों से से ही नरेंद्र मोदी के राजनैतिक जीवन की दिशा तय हो गयी थी . जब 1960 में भारत -पाकिस्तान का युद्ध चक रहा था उस समय केवल नरेंद्र मोदी ही ऐसे व्यक्ति थे जो की रेलवे स्टेशन पर जवानो को अपनी सेवा प्रदान करते थे . नरेंद्र मोदी ने अपनी शुरुवाती जीवन से ही राजनैतिक सक्रियता दिखायी थी और भारतीय जनता पार्टी के जनाधार को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी . गुजरात में शंकर सिंह बाघेला के जनाधार को मजबूत बनाने में नरेंद्र मोदी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी . अप्रैल 1990 में में पार्टी को देश में राजनैतिक पहचान मिलनी शुरू हुयी . और इसके बाद 1995 में गुजरात में बीजेपी की सत्ता आयी .इसी सत्ता के द्वोरान मोदी को अयोध्या  से लेकर सोमनाथ तक की रथ यात्रा की जिम्मेदारी सौपी गयी और इसी कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक की यात्रा में भी नरेंद्र मोदी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. इस यात्रा के बाद शंकर सिंह बाघेला ने पार्टी से त्याग पत्र दे दिया . परिणाम सवरूप कशु भाई पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया और नरेंद्र मोदी को दिल्ली बुलाकर भाजपा सगंठन की दृष्टी से केंद्री मंत्री के दायित्व सौप दिया गया . सन 1995 में राष्ट्री मंत्री  होने के नाते नरेंद्र मोदी को पाँच राज्यों का दायित्व सोपा गया .  नरेंद्र मोदी ने भी इस दायित्व को बखोबी  से निभाया .इसके बान नरेंद्र मोदी को पदोन्नत करके राष्ट्री महान्मंत्री (संगठन ) का दायित्व सौपा गया .इस पद पर नरेंद्र मोदी सन 2001 तक रहे और इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने केशुभाई पटेल को हटाकर  7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री का पद का भार नरेंद्र मोदी को दे दिया .

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी

 गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी

 

नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री  बन्ने के बाद अपना कार्यकाल सभाला और इसके बाद राजकोट विधान सभा से चुनाव लड़ा और इस चुनाव में नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी के अश्वनी मेहता को 14.728 मतों से हरा दिया  था . सन 2002 में जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहे थे उस समय किसी ने गुजरात से जाएं वाली एक ट्रेन पर किसी ने हमला कर दिया . मानान गया था की ये हमला मुस्लिमो ने किया है .इसी समय बदले और प्रतिशोध की भावना से गुलबर्ग के मुस्लिमो पर भी हमला किया गया था . इस प्रकार के हमलो से गुजरात में हिंसा भड़क गयी . और उस समय वजह से नरेंद्र मोदी को गुजरात में कर्फ्यू की घोषणा करनी पड़ी थी . जब बाद में कुछ समय बाद ये हिंसा शांत हो गयी  तब देश में कई  लोगों ने नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की गयी . इस हमलें में 1000 से ज्यादा मुस्लिम मारें गए थे . देश में नरेंद्र मोदी की आलोचना होने के बाद मोदी सरकार के खिलाप  दो जांच कमिटी गठित की गयी और जांच कमेटी गठित करने के बाद सर्वोच्च न्यायलय ने पाया की नरेंद्र मोदी के खिलाप कोइ साबुत नहीं है जिससे की उन्हें दोषी ठहरा सके . इसके बाद एक बार फिर से नरेंद्र मोदी को  2007 और 2012 में गुजरात का प्रधानमंत्री बनाया गया .

गुजरात में विकाश की योजनाएँ

नरेंद्र मोदी ने गुजरात में मुख्यमंत्री पद का भार सभालने के बाद गुजरात के विकाश के लिए अनेक योजनायें शुरू की अब हम आपको उन्ही योजनाओं के बारें में बताते हैं .

1-पंचामृत योजना – राज्य के एकीकृत विकास की पंचायामी योजना,

2-सुजलाम् सुफलाम् – राज्य में जलस्रोतों का उचित व समेकित उपयोग, जिससे जल की बर्बादी को रोका जा सके,[36]

3-कृषि महोत्सव – उपजाऊ भूमि के लिये शोध प्रयोगशालाएँ

4-चिरंजीवी योजना – नवजात शिशु की मृत्युदर में कमी लाने हेतु,

5-मातृ-वन्दना – जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु

6-बेटी बचाओ – भ्रूण-हत्या व लिंगानुपात पर अंकुश हेतु

7-ज्योतिग्राम योजना – प्रत्येक गाँव में बिजली पहुँचाने हेतु,

8-कर्मयोगी अभियान – सरकारी कर्मचारियों में अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठा जगाने हेतु,

9-कन्या कलावाणी योजना – महिला साक्षरता व शिक्षा के प्रति जागरुकताबालभोग योजना – निर्धन छात्रों को विद्यालय में दोपहर का भोजन,

दोस्तों मोदी जी ने उपर्युक्त योजनाओं के गुजरात में कई अन्य प्रकार की योजनाये भी लागू की दोस्तों अब हम आपको इन योजनाओं के बारें में बतातें है .

गुजरात में नरेंद्र मोदी का वनबन्धु कार्यकर्म

आपको बता दें की मोदी जी ने इस योजना को विशेष रूप से आदिवासी व वनवासी क्षेत्र के विकाश के लिए चलाया था . इस योजना के साथ ही मोदी जी एक और कार्यक्रम जिसका नाक दस सूत्री कार्यक्रम है चलाया था . इस दस सूत्री कार्यकर्म के अंतर्गत निम्न योजनायें चलायी गयी .

1-पाँच लाख परिवारों को रोजगार, 2-उच्चतर शिक्षा की गुणवत्ता, 3-आर्थिक विकास, 4-स्वास्थ्य, 5-आवास, 6-साफ स्वच्छ पेय जल, 7-सिंचाई, 8-समग्र विद्युतीकरण, 9-प्रत्येक मौसम में सड़क मार्ग की उपलब्धता और 10-शहरी विकास.

श्यामजीकृष्ण वर्मा की अस्थियों का भारत में संरक्षण

नरेंद्र मोदी जी भारत देश के महान महापुरुष और देशभक्त श्यामजीकृष्ण और उनकी पत्नि भानुमती की अस्थियों को भारत के आजादी के 55 साल बाद 22 अगस्त 2003 को  स्विच सरकार से अनुरोध कर जिनेवा से स्वदेश मगाया था . और माण्डवी (श्याम जी का स्थान ) में क्रांति तीर्थ स्थल बनाकर श्याम जी की अस्थियो को संरक्षण प्रदान किया था .गुजरात में आज भी ये तीर्थ स्थल आज भी प्रसिद्ध  है और इसे देखने के लिए दूर दूर से लोग आते है .

आतंक वाद पर मोदी जी के विचार

आतंकवाद अपर नरेंद्र मोदी के विचार

18 जुलाई 2006 में गुजरात में मोदी जी ने एक भाषण देते हुए आतंक वाद पर निशाना साधा था . उस समय आतक वाद के खिलाप भारत सरकार ने जो अधिनियम बनाये थे मोदी जी ने उनकी भी कड़ी आलोचना की थी . उस समय मुंबई के उपनगरी रेलों में जो बम धमाके हुए थे उन सब को मध्ये नजर रखते हुए मोदी जी ने कहा था की केंद्र सरकार से मांग की थी की वे राज्य सर्कार को सख्त कानून प्रदान करें . मोदी जी के शब्दों में –

“आतंकवाद युद्ध से भी बदतर है। एक आतंकवादी के कोई नियम नहीं होते। एक आतंकवादी तय करता है कि कब, कैसे, कहाँ और किसको मारना है। भारत ने युद्धों की तुलना में आतंकी हमलों में अधिक लोगों को खोया है.

2014 के लोकसभा चुनाव

2014 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी प्रधान मंत्री पद के उमीदवार

सन 2014 में गोवा में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा कार्य समित द्वारा मोदी जी को लोक सभा चुनाव की कमान सौपी गयी थी . और 13 सितम्बर 2013 को हुयी संसदीय बोर्ड की बैठक में मोदी जी को आगामी लोकसभा के चुनाव के लिए प्रधान मंत्री पद का उमीद्बार घोषित कर दिया गया . इस अवसर पर भारती जनता पार्टी के उच्चतम नेता लाल कृष्ण आडवाणी मौजूद नहीं थे . और मोदी के प्रधानमंत्री पद के उमीदवार की घोषणा राजनाथ सिंह ने की .

आपको बता दें की मोदी जी को प्रधानमंत्री पद का उमीदवार चुने जाने के बाद चुनाव पद के अभियान की कमान राजनाथ सिंह को सौपी गयी . प्रधान मंत्री पद के लिए चुने जाएं के बाद मोदी जी की पहली रैली हरोयाना के रिवाड़ी में हुयी थी .

दोस्तों आपको बता दें की एक सांसद प्रतियासी के रूप में मोदी जी ने देश के दो लोकसभा सीटो वाराणसी और वडोदरा से चुनाव लड़ा और दोनों निर्वाचन क्षेत्रो से विजयी हुए .

2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मोदी  जी की स्थिति

न्यूज़ एजेंसीज व पत्रिकाओं द्वारा किये गये तीन प्रमुख सर्वेक्षणों ने नरेन्द्र मोदी को प्रधान मन्त्री पद के लिये जनता की पहली पसन्द बताया था . आपको बता दें की पार्टी की ओर से प्रधान मंत्री उम्मीदवार घोषित किये जाने के बाद मोदी जी पुरे भारत में घुमे और देश में कई रेलिया की . मोदी जी ने पुरे देश में  436 चुनावी रैलियाँ, 3-बडी सभाएँ व चाय पर चर्चा आदि को मिलाकर कुल 5827 कार्यकर्म किये . मोदी जी ने अपनी चुनाव अभियान की शुरुवात 26 अगस्त 2014 को माँ वैष्णवदेवी  के आशीर्वाद के साथ जम्मू कश्मीर से और समाप्त मंगल पांडे की जन्म भूमि बलिया में किया .भारत की स्वतंत्रता के बाद भारती की जनता ने ऐसा चुनाव प्रचार भारत में पहली बार देखा था .यही नहीं नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारती जनता पार्टी ने 2014 में अपूर्ण सफलता प्रप्त की .

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2014 में हुए लोकसभा चुनाव का परिणाम

2014 में हुए लोकसभा चुनाव का परिणाम

2014 में हुये लोकसभा चुनाव में जहाँ 336 सीट जीतकर जहाँ  राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एक बड़े  संसदीय दल के रूप में उभरा वाही भारतीय जनता पार्टी  ने अकेले 282 सीटो पर कब्ज़ा किया और कांग्रेस मात्र 44 सीटो पर सिमट कर रह गयी . और उसेक गठबंधन को मात्र 51 सीटों से ही संतोष करना पड़ा

 

भारत के प्रधान मंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी

भारत के प्रधान मंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी जी ने 26 मई को भारत के 15 वे प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी .मोदी जी का ये सपथ ग्रान समारोह राष्ट्रपति भवन  के प्रांगण में आयोजीट किया गया था . इस विशाल शपथ ग्रहण समारोह में मोदी जी के साथ 45 अन्य मंत्रियो ने भी पद और गोपनीयता शपथ ली थी . इस शपथ ग्रहण समारोह में  विभिन्न राज्यों और राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों सहित सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया था. दोस्तों आपको बता दें की इस शपथ ग्रहण समारोह में सार्क देशो के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया था वो निम्न है .

  • Flag of Afghanistan.svg अफ़्गानिस्तान – राष्ट्रपति हामिद करज़ई
  • Flag of Bangladesh.svg बांग्लादेश – संसद की अध्यक्ष शिरीन शर्मिन चौधरी
  • Flag of Bhutan.svg भूटान – प्रधानमन्त्री शेरिंग तोबगे[94]
  • Flag of Maldives.svg मालदीव – राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम
  • Flag of Mauritius.svg मॉरिशस – प्रधानमन्त्री नवीनचन्द्र रामगुलाम
  • Flag of Nepal.svg नेपाल – प्रधानमन्त्री सुशील कोइराला
  • Flag of Pakistan.svg पाकिस्तान – प्रधानमन्त्री नवाज़ शरीफ़[99]
  • Flag of Sri Lanka.svg श्रीलंका – प्रधानमन्त्री महिन्दा राजपक्षे

प्रधान मंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का कार्यकाल

जब मोदीजी प्रधानमंत्री बने थे उस समय भी उनके आलोचकों की कोइ कमी नहीं थी . लकिन इनमें से कुछ आलोचक ऐसे भी जो कई मुद्दों पर नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करते है .जैसे – सार्क द्वारा द्विपक्षीय वार्ता ,WTO स्टैंड एक बड़ी उपलब्धी थी साथ ही स्वच्छ भारत,डिजिटल इंडिया जैसे कुछ मुददे है जिनमें वर्तमान में काफी अच्छा काम चल रहा है और इनसे देश में काफी सकरात्मक परिवर्तन देखने को मिले है ,

मोदी जी की वर्तामान योजनाये और उद्द्देश्य

मोदी सरकार ने देश में प्रधान मंत्री बन्ने के बाद देश में कई योजनाये लागू की है . मोदी जी ने विदेशी व्यापारियों को भारत में इन्वेस्मेंट करने के लिए प्रेरित किया है .इसके साथ ही मोदी जी ने कई नियमों में भी बदलाव किया है . सन 2014 में मोदी जी ने एक यौजना चलायी इस योजना का नाम “क्लीन इंडिया” है . इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रो में मिलियन शैचालय बनाना था . इसके आलावा मोदी जी ने देश के विकाश कई और योजनाये भी चलायी जो निम्न है .

प्रधानमंत्री जन – धन योजना –

इस योजना का मुख्य उदेश्य देश का आर्थिक विकाश था . इस योजना के साथ ही साफ- सुथरे देश के लिए स्वच्छ भारत अभियान और देश के सभी बीपीएल परिवारों को एलपीजी उपलब्ध करने के उदेश्य से प्रधानमंत्री उज्जल योजना जैसे कई अन्य योजनायें देश में लागू की है .

कृषि सिचाई योजना

इस योजना के अंतर्गत फसल बिमा योजना , मुद्रा बैंक योजना , प्रधानमंत्री कौशल विकाश योजना , मेक इन इंडिया योजना ,गरीब कल्याण योजना आदि है .

इसके आलावा मोदी जी द्वारा ग्रामीण कौशल योजना ,, नयी मंजिल योजना , अटल बिमा योजना , प्रधानमंत्री बिमा योजना , सागर माला योजना , प्रधान मंत्री आवास योजना , नर्सरी जैसे योजनाये देश में शुरू कर देश के आम जनता को लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है .

नरेंद्र मोदी जी को मिले अवार्ड्स(awards)

जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे उस समय मोदी जी को  गणेश कला क्रीडा मंच पर श्री पुना गुजराती बंधू समाज के श्ब्ताब्दी समारोह में गुजरात रत्न से सम्मानित किया गया था .

मोदी जो को ई रत्न अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है . ये अवार्ड मोदी जी को भारत की कम्पूटर सोसाईटी द्वारा दिया गया था .

इसके आलावा मोदी जी को 2009 में मोदी जी को एफडीआई मैगनीज ने नरेंद्र मोदी को “एफडीआई”पर्सनालिटी आँफ दी ईयर का एशियन विनर घोषित किया गया था .

नरेंद्र मोदी द्वारा लिखी किताबें –

दोस्तों मोदी जी ने कुछ किताबें भी लिखी है अब हम आपको उन किताबों के बारें में बताते है .

ज्योति पुंज-

जिन लोगों ने नरेंद्र मोदी को प्रभावित किया है  और जिन लोगों का नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर काफी प्रभाव पड़ा है उन लोगों के के बारें इस किताब में लिखा गया है .

एडोफ आँफ लव-

इस किताब में नरेंद्र मोदी जी द्वारा लिखी गयी 6 छोटी कहानियाँ है . इस पुस्तक को मोदी जी ने काफी छोटी उम्र में लिख दिया था . ये पुस्तक नरेंद्र मोदी के स्वेद्नात्मक और स्नेह युक्त अभिव्यक्ति को दिखाती है .

प्रेमतीर्थ –

दोस्तों इस पुस्तक में भी कहानियो का एक संग्रह है . इस पुस्तक में भी मोदी जी ने माँ के प्यार को बहुत ही आम और प्रभावी भाषा में समझाया है .

केल्वे ते केलवानी –

इस पुस्तक को मोदी जी ने गुजराती भाषा में लिखा है .इसका मतलब है “शिक्षा वो होती है जो पोषण देती है “. दोस्तों अगर वास्तव में इस किताब की बात करें तो ये किताब मोदी जी की बुद्धिमत्ता और पूर्ण वक्तव्यों का संग्रह है .

साभावक्षी-

इस किताब में मोदी जी ने जगत जननी माँ को लिखे पत्रों के बारें में लिखा है . ये मोदी जी के अंतर्मन और भावो को दर्शाती है .

सामाजिक समरसता –

दोस्तों इस किताब में मोदी जी के द्वारा लिखे गए आर्टिकल और लेक्चरो का एक संग्रह है . आपको बता दें की इस किताब के लिए एक उपयुक्त मुहावरा है – “अपने राय को सिर्फ शब्दों  में ही नहीं बल्कि कामो से भी वयक्त करो ” ये किताब मोदी की के सामाजिक सामंजस्य  के समझ को दर्शाती है जिसमें जाती के आधार पर कोइ वर्गीकरण न हो .

कनविनीएनट एक्सन: गुजरात रेस्पोंस तो चैलेंजस आँफ क्लाइमेट-(Convenient Action: Gujarat,s Response  to challenge,s  of climate Change)

दोस्तों आपको बता दें की इस किताब को नरेंद्र मोदी जी ने अंग्रेजी में लिखा है . इस किताब में गुजरात राज्य में  जलवायु परिवर्तन और आम- जन को इस परिवर्तन से सामना करने के बारें में बताया है .

आज हमने आपको  भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनी बारें में बताया . हम आशा करते है की आज हमने आपको जो भी जानकारियां  वो जानकारियां आप को पसंद आई होगी. आज आपने भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनी के बारें में जो भी जानकारियां हासिल की उन जानकारियों को अप अपने तक ही सिमित नहीं रखे बल्कि उसे दुसरों तक भी पहुंचाये .

 

 

 

 

 

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Vinod Pant

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