जीवन परिचय

रहीम दास का जीवन परिचय तथा रहीम दास की रचनाए (Biography of Rahim das in Hindi )

रहीम का जीवन परिचय (Biography of Rahim )
Written by Jagdish Pant

दोस्तों आज हम आपको रहीम दास का जीवन परिचय (Biography of Rahim das Hindi  ) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगें | आज हम आपको रहीम के जीवन के बारे और उनकी रचनाओ के बारे में बताने का प्रयास करेगें

रहीम दास का जीवन परिचय (Biography of Rahimdas in Hindi )

रहीम दास का पूरा नाम अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना है रहीम दास का जन्म  17 दिसम्बर 1556 में लाहौर में हुआ था | रहीम दास के पिता का नाम बैरम खान तथा माता का नाम सुल्ताना बेगम था | जब रहीम का जन्म हुआ था तब उनके पिता की आयु 60 साल की थी |  बैरम खान की दूसरी पत्नी का नाम सईदा खां था जो की बाबर की बेटी गुलरुख बेगम की पुत्री थी तो आपको रहीम दास के जीवन ((rahim das information) के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बाते पता चल गई होगी

रहीम दास (Rhim das ) के जीवन में एक महत्वपूर्ण घटना घटी जब एक दिन युद्ध के समय उनके घर की कुछ महिलाओं की रक्षा राणा प्रताप ने की और बाद में उन्हें सुरक्षित घर छोड़ दिया| इस घटना ने रहीम दास को जन्म से मुसलमान और कर्म से भगवान कृष्णा अनुयायी बना दिया था|  बाद में रहीम दास ने कृष्णा को अनेक कविताएँ समर्पित की

रहीम दास (Rahim das) एक शिक्षक थे रहीम दास ने  तुर्की, अरबी व फारसी भाषाओं में ज्ञान अर्जित किया| इसके साथ रहीम दास ने  छंद रचना, कविता , गणित, का ज्ञान अर्जित किया

रहीम दास का विवाह किसके साथ हुआ

रहीम शिक्षा समाप्त होने के बाद सम्राट अकबर ने अपने पिता हुमायूँ की परंपरा का निर्वाह करते हुए उनका विवाह  बैरम खाँ के विरोधी मिर्जा अजीज कोका की बहन माहबानों से करा दिया था माहबानों  ने  दो बेटियों और तीन बेटों को जन्म दिया| पहले बेटे का नाम इरीज, दूसरे का दाराब और तीसरे का नाम फरन था| यह नाम राजा अकबर ने रखे थे  रहीम के विवाह से बैरम खाँ और मिर्जा के बीच चली आ रही पुरानी रंजिश खत्म हो गयी।

रहीम दास का दूसरा विवाह एक सौदा जाति की एक लड़की से हुआ जिससे एक बेटे रहमान दास का जन्म हुआ

रहीम दास का तीसरा विवाह एक दासी से हुआ| उससे भी एक बेटे मिर्जा अमरुल्ला का जन्म हुआ

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रहीम दास की भाषा शैली

रहीम दास (Rahim das) अवधी और ब्रज दोनों भाषाओं में ही कविताएँ लिखी हैं  रहीम दास की कविताओं और काव्य में रामायण, महाभारत, पुराण तथा गीता जैसे ग्रंथों की सरल भाषा देखने को मिलती थी

यह रहीम निज संग लै , जनमत जगत न कोय।

बैर प्रीति अभ्यास जस , होत होत ही होय ॥

रहीम दास की प्रमुख रचनाएं कौन सी थी 

रहीम दोहावली

बरवै

नायिका भेद

मदनाष्टक

रास पंचाध्यायी

नगर शोभा

रहीम के दोहे (Rahim Poems in Hindi)

देनहार कोउ और है, भेजत सो दिन रैन।
लोग भरम हम पै धरै, याते नीचे नैन

अर्थ- रहीम दास जी कहते है की देने वाला तो कोई और है। वो ईश्वर हमें दिन रात देता ही रहता है। और लोग इतने मूर्ख हैं कि वह सोचते रहते है। कि वह सब कुछ कर रहे है। इससे ज्यादा मूर्ख और कौन हो सकता है।

तरुवर फल नही खात है, सरवर पियहि न पान।
कहि रहिम पर काज हित, सम्पति सॅचहि सुजान।

अर्थ- रहीम दास जी कहते है। कि पेड़ अपना फल खुद नही खाता है। और समुद्र अपना पानी खुद नही पीता है। और रहीम दास जी कहते है। कि सज्जन लोग हमेशा दुसरों के लिए जीते है। परोपकारी लोग सुख सम्पति का भी त्याग कर देते है।

जो गरीब सों हित करें, ते रहीम बड़ लोग।

कहा सुदामा बापुरो, कृष्ण मिताई जोग।

अर्थ- रहीम दास जी कहते है। जो लोग गरीब की मद्द करते है। हर संभव तरीके से उनके हित में सोचते है। ऐसे लोग महान होते है। सुदामा एक गरीब इंसान था। और श्री कृष्ण द्वारिका के राजा थे। लेकिन कृष्ण ने अपनी मित्रता निभाई आज लोग द्वारा कृष्ण और सुदमा की मित्रता की मिसाल दी जाती है।

जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसंग।
च्ंदन विष ब्यापत नही, लिपटे रहत भुजंग ।

अर्थ- रहीम दास जी कहते है। कि जो लोग अच्छे विचार वाले सज्जन लोग होते है। उन पर दुष्टता का कोई प्रभाव नही पड़ता है। जैसे की चन्दन के पेड़ पर सांप लटके रहता है। लेकिन फिर भी चन्दन अपनी खुशबु नही छोड़ता है।

रहिमन ओछे नरन ते, भलो बैर ना प्रीति।
कोटे-चाटे स्वान के, दुहूॅ भाॅति बिपरीती।

अर्थ- रहीम दास जी इस दोहे में कहते है। कि दृष्ट लोगों से ना मित्रता अच्छी है और ना ही दुश्मानी। उदाहरण के लिए कुत्ता चाहे गुस्से में चाटे या फिर प्यार से तलवे चाटें, दोनों स्थिती ही कष्टदायी होती है। दृष्ट लोगों से जीतना हो सके दूर ही रहना चाहिए ।

अंतिम राय

दोस्तों आज हमने आपको रहीम का जीवन परिचय (Biography of Rahim ) , रहीम दास का विवाह , रहीम दास की  भाषा शैली ,रहीम दास की प्रमुख रचनाएं के बारे में महत्वपूर्ण जानकरी प्राप्त हुई होगी आपको यह लेख कैसा लगा  निचे comment कर के जरुर  बताइए अगर अभी भी  कोई सवाल आप पूछना चाहते हो तो निचे Comment Box में जरुर लिखे| और कोई सुझाव देना चाहते हो तो भी जरुर दीजिये| हमारे Blog को अभी तक अगर आप Subscribe नहीं किये हैं तो जरुर Subscribe करें| जय हिंद, जय भारत, धन्यवाद|

 

 

 

 

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