इतिहास

राजस्थान का रणथम्भौर नेशनल पार्क

राजस्थान का रणथम्भौर नेशनल पार्क
Written by Vinod Pant

आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से राजस्थान का रणथम्भौर नेशनल पार्क  बारें में  अनेक महत्त्व पूर्ण जानकारियां देने का प्रयास करेंगे .

वैसे तो राजस्थान में बहुत सारे नेशनल पार्क है लेकिन उनमें से लेकिन उनमें से रणथम्भौर का किला सबसे ज्यादा प्रसिद  है .  यह पार्क इसलिए भी प्रसिद्ध है क्योकि ये एक  द्वीप , है और इसमें कई सारे जल स्रोत आकर मिलते है , कहा जाता है की इस पाकर में तिन तालाब आकर मिलते है , ये पार्क तालाबो के लिए ही नहीं बल्कि बंगाल टायगर के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है .

राजस्थान का रणथम्भौर नेशनल पार्क-

राजस्थान के इस पार्क  का नाम रणथम्भौर इसलिए पड़ा क्योकि इस पार्क में  रणथम्भौर नाम का एक विशाल किला है , ये पार्क विंध्य और अरावली पर्वत श्रृंखलाओं  के बीच में स्तिथ है .

रणथम्भौर नेशनल पार्क सवाई माधोपुर जिले से से 14 किलोमीटर की दुरी पर राजस्थान में स्तिथ है , रणथम्भौर का यह र्क भारत के दुनिया भर में प्रसिद्ध  नेशनल पार्कों में  एक है . इस पार्क में एक बंगाली बाघिन है जिसका नाम मछली रख्खा गया है , इसे देखने के लिए लोग दूर – दूर से आते है .

रणथम्भौर नेशनल पार्क के  बारें में महत्वपूर्ण जानकारी-

माना जाता है है की रणथम्भौर के इस जंगल में जयपुर के राजा शिकार किया करते थे . लेकिन कुछ समय भारत सरकार ने इसे सन 1955 में  अभ्यारण बना दिया और इसके बाद इसे 1973 में इसे भारत सरकार द्वारा बाघों के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया गया .

इस नेशनल पार्क को भारत सरकार द्वारा सन 1980 में मान्यता प्राप्त हुयी , और सन 1991 में इस पार्क को सवाई मान सिंह और कलादेवी अभयारण्य से जोड़कर बड़ा बनाया गया और इसी वजह से इस पार्क का क्षेत्रफल बढकर 1334 वर्ग किमी बन गया .  इस पार्क में दक्षिण से आने वाली चम्बल नदी और उत्तर  से आने वाली बनास नदी मिलती है .

सन 2006 में रणथम्भौर के इस राष्ट्री रिजर्व  का क्षेत्रफल  1334 वर्ग किलोमीटर था ,लेकिन बाद में वन विभाग के आदेशानुसार इसे 1700 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया . रणथम्भौर का ये पार्क एक द्वीप समूह है . जिस कारण से यहाँ विभिन्न प्रकार के वनिस्पति और जीव -जंतु पाए जाते है . इस पार्क के सभी रस्ते पहाड़ों से होकर जाते है जिस कारण से इस पार्क के रास्तें में बहुत कम सरोवर दिखाई देते है .

इस पार्क में तीन तालाब पदम तालाब, राज बाग तालाब, और मालिक तालाब पाए जाते है , ये पार्क ज्यादातर बाघों के लिए प्रसिद्ध है , इसके आलावा इस पार्क में बहुत सारे प्रजाति के जंगली जानवर पाए जाते है .

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रंथौम्भौर के इस पार्क की सफारी –

इस पार्क में आप जीप द्वारा घूम सकते है . यहाँ शैलानियों को ट्रेकिंग करने की अनुमति नहीं दी जाती है . इस पार्क में आप बहुत सारे बाघों के आलावा अनेक प्रकार के पक्षी भी देख सकते है , इस पार्क में अनेक शाकाहारी जीव – जंतु  भी  जैसे – सांबर, नीलगाय और चिंकारा भी देखे जा सकते है .  इस पार्क का सबसे विशेष प्राणी सांबर हिरण पाए जाते है .  इसक आलावा इस पार्क में आप जंगली भालू और लंगूर ,  तेंदुए, हैना, सियार, जंगली बिल्ली जैसे मांसाहारी प्राणी भी ह सकते है . आप इस पार्क में मगरमच्छ भी देख सकते है , मगरमच्छ सरोवर से बाहर आकर सूरज के प्रकाश में खुद को गर्म करते है .

रणथम्भौर के नेशनल पार्क को देखने का सही समय –

आप इस पार्क में अक्तूबर से मार्च के महीने में घूम सकते है , इस पार्क में घुमने की अनुमति लेने से पहले लोगों को सावधान किया जाता है , यहाँ ज्यादातर लोग जीप से ही इस पार्क में घूमते है , कुछ पार्क में घुमने के लिए ऊंट का सहारा भी लेते है . इस पार्क के किनारे पर दो नदियाँ बहती है , जो इस पार्क की खूबसूरती को चार चाँद लगा देती है .

अंतिम राय –

आज हमने आपको इस  आर्टिकल के माध्यम से राजस्थान के रणथम्भौर जिले के बारें में अनेक जानकारियाँ दी .

हम आशा करते है की आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से जो भी जानकारियाँ दी वो जानकारी आपको पसंद आई होगी . आज आपने इस आर्टिकल के माध्यम से जो भी जानकारी हासिल की उसे आप अपने तक ही सिमित  नहीं रखे बल्कि उसे दूसरों तक भी पहुचाएं , जिससे दुसरे लोग भी इस जानकारी को हासिल कर सकें

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