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BPO क्या है और कैसे काम करता है

BPO क्या है और कैसे काम करता है
Written by Vinod Pant

क्या आप जानते है की BPO क्या है ? और आज के समय में इसकी इतनी मांग क्यों है ? अगर आप BPO क्या है ?इसके बारें में जानते है  तो ये अच्छी बात है अगर आप इसके बारें में नहीं जानते है तो कोइ बात नहीं आज  हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से BPO क्या है और कैसे काम करता है? के बारें में अनेक महत्वपूर्ण जानकारी देने का प्रयास करेंगे |

BPO को एक दुसरे नाम  Information technology enabled services (ITES) से भी जाना जाता है | BPO की full form Business process outsourcing है इसे ही  layman’s की terms में BPO कहा जाता है | अगर BPO को सरल शब्दों में समझे तो तो हम इसे एक ऐसा प्रोसेस कह सकते है , जहाँ कोइ  company अपने कुछ business functions (responsibilities) को किसी एक third party organization के साथ share करते हैं | अगर दुसरे शब्दों में BPO को को समझे तो BPO एक ऐसा प्रोसेस है जहाँ ऐसे काम को करने के लिए एक्सपर्ट को दिया जाता है , जिसे हम या कोइ companies  नहीं कर सकते है |

Business process outsourcing क्या है (Business process outsourcing in Hindi) –

BPO क्या है

BPO का पूरा नाम  Business process outsourcing(बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) है | BPO को हम एक ऐसी प्रोसेस कह सकते है , जिसमें कोइ कंपनी अपने काम को नहीं कर सकती मतलब कोइ कंपनी उस काम के लिए किसी दुसरी  कंपनी(जिसे  उस काम की पूरी जानकारी है ) की मदद लेती है | ऐसा करने से कंपनी को बहुत लाभ होता है , कंपनी का काम  बहुत कम समय में पूरा हो जाता है  |

अक्सर BPO executives को task को monitor करने का कार्य दिया जाता है, और वो आम तौर से back office में ही काम करते हैं | इनके काम में सामान्यतया customers को मदद करना, clients को billing और purchasing में मदद करनाजैसे काम शामिल है | मुख्य रूप से एक company  BPO opera में अपने कांट्रेक्ट को किसी third party vendor  को प्रदान करती है उनके back-office tasks को करने के लिए |  ज्यदातर यह देखा गया है की बड़े organizations इस प्रक्रिया को money saving tactic मानते है , क्योकि ऐसा करने से ये  अपने  core tasks पर ज्यादा ध्यान दे सकते है | किसी भी BPO executive के सामने बहुत से टास्क ( tasks)  होते है | लेकिन इसमें जो सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है वो  client या customer के satisfaction पर ज्यादा ध्यान देना होता है |

BPO का इतिहास –

Ross Perot ने सन 1962 में Electronic Data Systems (EDS)  की स्थापना की थी , इसके साथ ही उन्होंने पहले बीपीओ कंपनी का concep भी शुरू किया था |

BPO में नौकरी के प्रकार –

BPO के अंतर्गत मुख्य रूप से निम्न दो  categories आती है –

  • Front-office customer services (जैसे की tech support)
  • Back-office business functions (जैसे की billing)

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BPO Candidate की Responsibilities(जिम्मेदारिया)

यहाँ हम आपको BPO के कुछ Responsibilitie(जिम्मेदारी ) के बारें में बता रहे है –

  • BPO executive का जो primary task  मिलता है वो ये है की ustomer या clients का calls handle करना होता है , इसके साथ ही उनके सवालों का  सही उत्तर देना होता है |
  • Executives को अपने जरुरत के अनुसार नयी चीजें  सीखने चाहिए |
  • अगर  Executives  के पास किसी तरह का मुद्दा( Issue) आये तो उन्हें अपने supervisor या team leader के साथ
  • बात करनी चाहिए, ,और problem का solution निकालना चाहिए|
  • अपने customers या clients को हमेशा पूरा resolution देना चाहिए , जिससे की वो  जिससे की वो सबसे ज्यादा satisfy हों |
  • उन्हें basic services के साथ साथ दुसरे professional services जैसे की Business Research, Legal services, Financial Analysis की भी जानकारी  होनी चाहिए |
  • हमेशा customers को उन्हेंqueries के लिए बेहतर solution प्रदान करनी चाहिए |
  • BPO को हमेशा अपने  target को efficiently  करने की ability(काबिलियत) रखनी चाहिए . जिससे की वो आगे चलाकर और बेहतर सर्विस पर्दान कर सके |

BPO Candidate(उम्मीदवार) की Skills

BPO में सबसे ज्यादा जरुरी अच्छी communication का होना होता है , क्योकी इसी टास्क को उन्हें  प्राय सभी processes में करना होता है | अगर कोइ व्यक्ति BPO के लिए applay कर रहा है तो उसे सबसे ज्यादा ध्यान अपने Oral और Written Communication के उप्पर देना चाहिए | इसके बारें में हम ज्यादा जानकारी नीचे बता रहे है |

  • जिस Candidate ने BPO के लिए applay किया वो Oral और written communication में अच्छा होना चाहिए |
  • उस Candidate को सी consumer या client के साथ बात करते समय effective communicato होना चाहिए |
  • उस Candidate को  computer basics की knowledg होनी चाहिए |
  • उस candidate में किसी भी environment और समय में adapt हो सकने की काबिलियत रखता हो |
  • candidate को हमेशा  Market के साथ updated रहना  चाहिए और trends को follow करना चाहिए |

BPO Candidate की Educational Qualification(शैक्षिक योग्यता) –

एक BPO industry के हिसाब से किस भी candidate के पास किसी भी क्षेत्र (field)  में कम से कम एक डिग्री (digree) होनी जरुरी है लेकिन ये  accredited institution (मान्यता प्राप्त संस्थान ) से होनी चाहिए |  किसी भी BPO को client के हिसाब से काम करना होता है , इसलिए  कुछ BPO organization specifically पूछते हैं bachelor’s degree in science, maths या statistic के बारें में | ये sector उन लोगों के लिएय अच्छा है जो  freshers हैं और जिन्हें काम के विषय में कोई भी जानकारी नहीं है, इससे उन्हें अच्छा exposure मिलता है और अच्छा experience भी होता है |

BPO का वेतन –

एक  BPO Executive के  average salary की बात करें तो भारत में एक  BPO Executive की  average salary लगभग  Rs 202,379 per year (सालाना) होती है | इसमें आपको इसमें आपको experience आपको आगे promotions भी दिला सकता है. ये candidate के ऊपर निर्भर करता है की वो कितनी जल्दी अच्छे promotions ले सकने की काबिलिय रखता है |

BPO के Advantages क्या है-

वैसे तो BPO के बहुत सारे Advantage (फयदे ) है , लेकिन हम आपको यहाँ आपको BPO के कुछ मुख्य Advantage के बारें में बता रहे है –

  • Business process की speed और efficiency काफी हद तक बढ़ जाती है |
  • BPO में किसी भी Employees के समय की बचत होती है , जिससे वो ज्यादा समय core business strategies  को बढाने में लगा देते है , ये उन्हें बाद में competitive advantage प्रदान करता है इससे वो आगे चलकर उनके value chain engagement को भी बढ़ा सकते हैं |
  • किसी भी BPO के Organizational growth में Advancement (तरक्की) होती है , क्योकि जब  capital resource और asset expenditures की जरुरत नहीं होती है तब इससे problematic investment returns भी उत्पन्न होने से बच जाते हैं|
  • BPO में किसी Organizations को उनके unrelated primary business strategy assets में ज्यदा समय देने की जरुरत नहीं होती है , जिससे वो अपना सारा फोकस focus core strategies को develop करने में लगा देते है |
  • BPO का एक फायदा Low operating costs का होना भी है |
  • Improved Automation का होना भी BPO का एक फायदा है |
  • BPO का एक फयदा Scaling में ज्यादा flexibility होना भी है |

BPO की Disadvantages (जिसमें risks included होती हैं)-

  • Data privacy की breach होने की संभावना ज्यादा होती है |
  • BPO में running costs को underestimate कर दिया जाता |
  • BPO में
  • Service Providers के ऊपर ज्यादा Overdependence करना पड़ जाता है|

अंतिम राय –

आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से आपको इस आर्टिकल के माध्यम से BPO क्या है और कैसे काम करता है? के बारेम में अनेक जानकारियां दी जैसे – BPO क्या है , BPO का इतिहास , BPO में नौकरी के प्रकार ,BPO की जिम्मेदारियां , BPO Candidate(उम्मीदवार) की Skills , आदि 

हम आशा करते है की आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से जो भी जानकारियां दी वो आपको पसंद आई होगी , आज आपने इस आर्टिकल के माध्यम से जो भी जानकारी हासिल की उसे आप अपने तक ही सिमित नहीं रखे , बल्कि उसे दूसरों तक भी पहुंचाएं , जिससे दुसरे लोग भी इसके बारे में जान सके |

आपको यह लेख कैसा लगा नीचे comment कर के जरुर बताइए अगर अभी भी कोई सवाल आप पूछना चाहते हो तो निचे Comment Box में जरुर लिखे | और कोई सुझाव देना चाहते हो तो भी जरुर दीजिये |

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